बिहार की राजनीति में राजनीतिक परिवारों का बोलबाला, RJD ने BJP-JD(U) पर लगाया nepotism का आरोप

बिहार में हाल ही में नए मंत्रियों के शपथ ग्रहण को लेकर राजनीति गरमाई हुई है। राजद ने इसे दलगतवाद यानी नेपोटिज्म का उदाहरण बताया है। राजद का आरोप है कि इस बार अधिकांश नए विधायक और मंत्री वरिष्ठ नेताओं के रिश्तेदार हैं, जिससे साफ लगता है कि परिवारवाद ने राजनीति पर कब्ज़ा कर लिया है। वहीं, बिहार भाजपा अध्यक्ष और मंत्री दिलीप जायसवाल ने विपक्ष पर कटाक्ष करते हुए कहा कि वे नेपोटिज्म की सही परिभाषा नहीं समझ पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि नेपोटिज्म वह होता है जब प्रधानमंत्री का बेटा प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री का बेटा मुख्यमंत्री बन जाता है। जनता अब नेपोटिज्म का सही अर्थ समझ रही है।
जनता का विश्वास और नए सरकार का गठन
वहीं, बिहार के मंत्री और जनता दल (यू) के नेता विजय कुमार चौधरी ने इस नए सरकार गठन को जनता के विश्वास का प्रतीक बताया है। उनका कहना है कि यह बड़ी जीत जनता के पूर्ण भरोसे के बिना संभव नहीं थी। पिछले 20 वर्षों से वे लगातार जनता की सेवा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस गठबंधन और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार ने जो प्रगति की है, उससे जनता का भरोसा बढ़ा है।

राजनीतिक इतिहास का हिट जोड़ी
विजय कुमार चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जोड़ी भारतीय राजनीति में एक सफल और लोकप्रिय जोड़ी साबित हुई है। जनता को भरोसा है कि जब तक बिहार इस जोड़ी के नेतृत्व में रहेगा, तब तक राज्य सुरक्षित रहेगा और तेजी से विकास करेगा। उनकी समझदारी और कामकाज बिहार को भविष्य में और भी तेजी से आगे ले जाएगा।
परिवारवाद का आरोप और राजद की प्रतिक्रिया
राजद ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के दसवीं बार मुख्यमंत्री बनने पर भी सवाल उठाए हैं। नए कैबिनेट में कुल 25 नेताओं ने शपथ ली है, जिनमें से लगभग 80% HAM(S) के विधायक वरिष्ठ नेताओं के रिश्तेदार हैं। जитан राम मांझी की बहू, सास और जेठानी सभी विधायक बनी हैं। भाजपा के 12.35% विजेता विधायक भी परिवार से जुड़े हैं, जिनमें सम्राट चौधरी और नीतीश मिश्रा शामिल हैं। जनता दल (यू) के 11 विधायक भी राजनीतिक परिवारों से हैं। यह स्थिति राजद के लिए चिंता का विषय बनी हुई है।
नया बिहार बनाने का संकल्प
राजद ने साफ कहा है कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की परिवारवाद विरोधी नीतियों के साथ बिहार से वंशवाद को खत्म करेंगे। उन्होंने जनता से कहा कि वे उनके साथ मिलकर एक नया बिहार बनाएंगे। राजद का यह दावा है कि वे लोकतंत्र और पारदर्शिता को लेकर बिहार में एक नई शुरुआत करेंगे।